कोई उनसे उनकी बेरुखी का …..

Posted: 12/12/2011 in HINDI
कोई उनसे उनकी बेरुखी का सबब पूछे
क्या गुजरती है हम पर यह हमसे पूछे
बैठे है मुह मोड़कर क्यूँ हमसे है रूठे
कैसे मनाये उन्हें ना कोई हल सूझे
लगा नहीं सकते अंदाज़ा वो मेरी चाहत का
रहते है हर वक़्त उनके ही ख्यालो में डूबे .
कलम :- हरमन बजवा ( मुस्तापुरिया )

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