काश के ऐसा होता खुदा
वो मेरे साथ होती
सब खुशियाँ मुझको मिल जाती
और हसीं कायनात होती
हर पल उसके साथ रहता
ना कभी जुदा करता
तारे भी तोड़ के ले आता
हर मांग पूरी करता
हर ख्वाब उसका सजाता मैं
ना दुःख उसको कोई देता
सब खुशिया उसको दे के मैं
हर गम खुद ही ले लेता
एक बार तो हाँ कर देती
मेरे प्यार को समझ पाती
शायद कमी थी तुझमें हरमन
दुआएं इतनी बेकार ना जाती
कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )