मैं चिराग हाथों में लेकर

Posted: 08/12/2012 in HINDI
मैं चिराग हाथों में लेकर
उजाले हर जगह ढूँढता रहा
ना एहसास था जरा भी
अँधेरे साथ साथ चल रहे थे
मैं खड़ा था जो लिए
कश्ती को एक ही जगह पर
पर किनारे भी तो अपनी जगह
बार बार बदल रहे थे
कलम -: हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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