यूँ लगा कुछ खो रहा है

Posted: 27/11/2012 in HINDI
यूँ लगा कुछ खो रहा है
कोई अपना जुदा हो रहा है
मन भी उदास हो रहा है
वक़्त जो वो करीब हो रहा है
ये एहसास भी हो रहा
क्यूँ ये सब हो रहा है
कोई जोर नहीं किसी का किसी पर
सब लेखो का “हरमन” हिसाब हो रहा है
कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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