नहीं देखती थी

Posted: 28/08/2012 in HINDI

नहीं देखती थी जो कभी
नजरे उठा कर मेरी तरफ
मिजाज उसके अब मुझे
बदले बदले से लगते है
लगता है के फैसला
कर लिया है उसने शायद
इसीलिए हम भी दिल को
समझा कर ही रखते है
कलम : हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

 

 

 

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