इम्तिहानो के दौर से

Posted: 04/07/2012 in HINDI
इम्तिहानो के दौर से
गुज़रा हूँ इस कदर
हर मुश्किल घडी अब तो
आसान ही लगती है
हथियारों के दम पर
जंग नहीं जीती जाती
गर हो हौंसले बुलंद हरमन
दुनिया कदमो में झुकती है
कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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