उनकी अदा का जब …

Posted: 22/04/2012 in HINDI
उनकी अदा का जब महफ़िल मैं जिकर होता है
सीने मैं एक मीठा सा दर्द होता है
नाम आते है कईयो के फिर सामने
हर शक्श के चेहरे पर फिकर सा होता है
ना जाने किस वार से लूट लेती है ये
हर गुजरने वाला इनका मुरीद होता है
हरमन फिर गरीब कोई बेवजह से पकड़ा जाता है
असल मैं तो कत्ल इन्ही के हाथों से होता है
कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

Leave a comment