कब तक अकेला चलेगा…

Posted: 08/04/2012 in HINDI
कब तक अकेला चलेगा ऐ सादिक
आखिर तो दम टूट ही जायेगा
उम्मीद है जिनसे फूलो को पाने की
वो ही राहो में तेरे रोड़ा अटकाएगा
जो करते है अभी हमदर्दी का दिखावा
वो भी तुझ पर जुल्म ही ढाएगा
जो अपने है कई तेरे बरसो से
वो ही अंत में साथ छोड़ जाएगा
जो करते है दावा गम बटाने का
वो ही तुझ पर हस के दिखाएगा
जो चल रहे है कदम से कदम मिलाकर
मंजिल पर खुद को अकेला ही पाएगा
मत हो खफा के सबर का आँचल थाम ले
के तेरा जोर किसी पर न चल पाएगा
कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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