सुना है के वो अश्क बहाते है…

Posted: 06/03/2012 in HINDI
सुना है के वो अश्क बहाते है
रातो को हमें याद करके
सुना है वो खुद को भी जलाते है
हमारी याद में खुद को फनाह करके 
सुना है वो ज़माने को ठुकराते है
हमारे मिलने की आस करके
सुना है वो रोज गली में आते है
चेहरे पे नकाब करके
सुना है वो प्यार भी जताते है
ख़त खून से अपने भरके
कुछ लोग भी हमें बताते है
इस बात का जिकर करके
और हम बेखबर उन्हें भूल जाते है
किसी गैर को याद करके
कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )
 

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