आज फिर मैं वही खड़ा हूँ…

Posted: 05/02/2012 in HINDI
आज फिर मैं वही खड़ा हूँ
जहाँ से हुई थी शुरुआत

ना ही मैं बदला हूँ
और ना ही बदले है हालात

लोग भी वही पुराने है
और पुरानी उनकी बात

पर कोई मुझे समझता नहीं
मेरे दिल में क्या है बात

दर्द बाटना चाहत हूँ
खोलना चाहता हूँ कुछ राज

कान भी तरसते है सुनने को
कोई आ के दे आवाज

पर हालातो से समझोता करता हूँ
हर रोज इक नयी जंग लड़ता हूँ

दुःख तकलीफों का सामना करता हूँ
पर थोडा सा मैं भी डरता हूँ

ना जाने कैसे मैं मुश्किलें जरता हूँ
हर पल जीने की कोशिश में मरता हूँ

कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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