राहे तकना तारे गिनना …

Posted: 03/02/2012 in HINDI
राहे तकना तारे गिनना
सादिक काम हमारा है

उनके लिए तो होने वाला
रोजाना का एक मुजाहिरा है

हर शय गवाह है इस बात की
तेरा नाम ही हरमन ने पुकारा है

पर मेरी डूबती हुई कश्ती को
नहीं मिलने वाला कोई किनारा है

फिर भी बच गया हूँ जाने कैसे
मौला तेरा ही तो सहारा है

वर्ना उस ज़ालिम ने तो मुझे
तडपा तडपा के मारा है

कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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