साजिश है चाँद लोगो की …

Posted: 26/01/2012 in HINDI
साजिश है चाँद लोगो की
मुझे नीचा दिखने की
तमाम उम्र की मेहनत को
धोखा बता के मिटने की
मेरी बनी बनाई हस्ती को
ऊपर से निचे गिराने की
कुछ की है दुआए साथ में
कुछ बद्द-दुआए भी है
कुछ खड़े है हक़ में मेरे
और बहुत मेरे खिलाफ भी है
ना जाने कितनो को दगा दिया है
ना किया किसी से इन्साफ भी है
बहुतों ने किया है तंग मुझे
मेरी गलती का मुझे एहसास भी है
कहते है ये सब लोग मुझे
के इरादे मेरे नापाक भी है
फिर भी खुदा की रहमत का
शायद होना अभी एहसास भी है
मेरी सजा ना जाने कैसी होगी
बाकी मिलना खुदा का अभी जवाब भी है
कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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