तबीयत से हूँ नासाज…

Posted: 20/01/2012 in HINDI
तबीयत से हूँ नासाज और मन भी है उदास
किस्मत को लेकर आजकल हूँ थोडा सा नाराज
क्यूँ मिलता नहीं जो चाहता हूँ मैं
खुदा की रजा के भी हूँ मैं खिलाफ
कोशिशे भी करता हूँ बेहिसाब
मेरा दामन भी है बिल्कुल साफ़
फिर सोचता हूँ क्या अकेला हूँ मैं
जिसके साथ नहीं हुआ इन्साफ
शिकायते भी रोज ही करता हूँ
उसके हर सवाल का भी है जवाब
इबादतें भी रोज ही करता हूँ
हर हाल मैं रखता हूँ उसको याद
हर कण कण में तू कहते है बसता
फिर क्यूँ फिरता है हरमन बदहवास
गर उसकी रजा में ही क़ज़ा है तो
कब पूरे होंगे ये मेरे सब खवाब
कलम : हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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