दिल में जो….

Posted: 07/01/2012 in HINDI
दिल में जो छुपा दर्द था
वो आज बहार निकल आया

कोशिश तो की थी बहुत मैंने
पर खुद को ना रोक पाया

कदम बढ़ गए अपने आप
पर ना मंजिल पर पहुच पाया

सोचा था दर्द बाँट लूँगा
पर किसी ने ना मुझे बुलाया

बड़ी मुश्किल थी वो घडी
यह रास्ता था जब अपनाया

खुशियों से मुह मोड़ के हरमन
बरबादियों में निकल आया

कलम :- हरमन बाजवा ( मुस्तापुरिया )

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